Lohardaga: शहर में हाल के दिनों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के विरोध में शनिवार को घोषित लोहरदगा बंद का व्यापक असर देखने को मिला. शहरी क्षेत्र में हथियार के बल पर सर्राफा दुकान और पेट्रोल पंप में लूट की कोशिश तथा युवा व्यवसायी शुभम साहू की हत्या के विरोध में बुलाए गए इस बंद को विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक और राजनीतिक संगठनों का समर्थन मिला. सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजार पूरी तरह बंद रहे और पूरे दिन बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा. बंद का आह्वान चेंबर ऑफ कॉमर्स ने किया था, जबकि जिला सर्राफा एसोसिएशन, सामाजिक विचार मंच, भारतीय जनता पार्टी, ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन सहित कई संगठनों ने भी इसमें भागीदारी निभाई.
जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क
शनिवार सुबह मुख्य बाजार, सर्राफा बाजार, मेन रोड, पावरगंज, थाना चौक, मिशन चौक और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों की अधिकांश दुकानें बंद रहीं. आवश्यक सेवाओं को छोड़कर लगभग सभी प्रतिष्ठानों पर ताले लटके रहे. बंद समर्थकों ने कुछ समय के लिए पावरगंज चौक पर सड़क जाम कर अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कानून-व्यवस्था मजबूत करने की मांग की. प्रशासन के साथ बातचीत के बाद जाम समाप्त कर दिया गया और वाहनों का परिचालन सामान्य हो गया, हालांकि कुछ समय तक यात्रियों और ट्रक चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
आपराधिक घटनाओं से जिले में भय का माहौल
बंद को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रही. शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. पुलिस अधिकारियों ने लगातार गश्त कर स्थिति पर नजर बनाए रखी, जिससे बंद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली. व्यापारियों ने कहा कि हाल की आपराधिक घटनाओं से जिले में भय का माहौल बना है. उन्होंने अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई, रात्रि गश्ती बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की. शांतिपूर्ण बंद के माध्यम से लोगों ने स्पष्ट संदेश दिया कि जिले में कानून-व्यवस्था बहाल करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.