Ranchi: झारखंड की सियासत में एक बार फिर सुगबुगाहट तेज हो गई है. राज्य में आगामी राजनीतिक समीकरणों और सांगठनिक कसावट को धार देने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के झारखंड प्रभारी और कांग्रेस कार्य समिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य K. Raju दो दिवसीय दौरे पर आगामी 5 और 6 अगस्त को रांची पहुंच रहे हैं. उनका यह दौरा महज एक शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि आने वाले सियासी संघर्षों के लिए मास्टरस्ट्रोक रणनीति तैयार करने का बड़ा केंद्र बिंदु माना जा रहा है. पार्टी के प्रभारी के. राजू 5 अगस्त को सुबह 09:15 बजे हैदराबाद से इंडिगो की उड़ान से रांची के लिए रवाना होंगे और ठीक सुबह 11:10 बजे बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया जाएगा.
मोरहाबादी से एटीआई ऑडिटोरियम तक बैठकों का मैराथन दौर
राजधानी रांची पहुंचते ही के. राजू का मिनट-टू-मिनट राजनीतिक कार्यक्रम तय है, जो सीधे तौर पर सत्ता और संगठन के बीच तालमेल को और मजबूत करने पर केंद्रित होगा. कांग्रेस विधायक दल की बैठक (दोपहर 02:00 बजे): रांची पहुंचते ही सबसे पहले वे मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचेंगे. यहां दोपहर दो बजे से कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे. इस बैठक में राज्य सरकार में पार्टी के मंत्रियों और विधायकों के कामकाज, आगामी विधानसभा या सांगठनिक मुद्दों और जनता के बीच सरकार की छवि को लेकर गहन मंथन होने की संभावना है.
इंडिया गठबंधन के विधायकों की संयुक्त बैठक
इस दौरे का सबसे अहम पड़ाव शाम चार बजे रांची के एटीआई ऑडिटोरियम में होगा. यहां के. राजू की अध्यक्षता में इंडिया गठबंधन के तमाम घटक दलों के सभी विधायकों की एक संयुक्त बैठक बुलाई गई है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक आपसी समन्वय को और पुख्ता करने तथा किसी भी अंदरूनी खींचतान को समय रहते थामने के लिहाज से बेहद निर्णायक साबित होगी.
इस दौरे के क्या है मायने
नेतृत्व और समन्वय की परीक्षा: के. राजू का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य में राजनीतिक स्थिरता के साथ-साथ संगठन को और अधिक सक्रिय करने की जरूरत महसूस की जा रही है. गठबंधन के सभी विधायकों के साथ एक मंच पर संवाद स्थापित करना यह संदेश देता है कि कांग्रेस पार्टी समन्वय के मामले में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती.
जमीनी फीडबैक और आगामी एजेंडा: स्टेट गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम के बाद 6 अगस्त को उनका दिल्ली वापसी का कार्यक्रम है. इन दो दिनों के भीतर वे पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं और विधायकों से व्यक्तिगत और सामूहिक फीडबैक लेंगे, जिसे राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचाया जाएगा.
झारखंड कांग्रेस के लिए नई ऊर्जा का संचार
के. राजू के इस दो दिवसीय दौरे से झारखंड कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है. एक तरफ जहां पार्टी अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ गठबंधन के सहयोगियों के साथ मिलकर एक साझा राजनीतिक जमीन तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की है कि क्या यह दौरा आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए कोई नया फॉर्मूला तय करेगा? इसका जवाब 5 और 6 अगस्त को रांची में होने वाली इन बैठकों के फैसलों से साफ हो जाएगा.
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