Ranchi: आय वृद्धि से जुड़ी योजना के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर सोमवार को झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. याचिका में आरोप लगाया गया है कि रांची सहित कई जिलों में हर साल करोड़ों रुपये का फंड उपलब्ध होने के बावजूद उसका सही उपयोग नहीं हो रहा है और कई मामलों में फंड लैप्स भी हो रहा है. याचिकाकर्ता बुद्धदेव उरांव की ओर से अदालत को बताया गया कि योजना का उद्देश्य ST-SC और अल्पसंख्यक समुदाय के बेरोजगार युवाओं को ट्रैक्टर, ऑटो रिक्शा समेत अन्य मशीनरी उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाना है. इसके बावजूद वर्ष 2023 से रांची में किसी भी लाभुक को योजना का लाभ नहीं मिला.
1 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि RTI से मिली जानकारी के अनुसार लाभुकों की वेरिफिकेशन सूची संबंधित विभाग को भेज दी गई थी. लेकिन अब तक उस पर कोई आगे की कार्रवाई नहीं हुई. यही स्थिति पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, लोहरदगा समेत अन्य जिलों में भी बताई गई. मामले की सुनवाई के बाद झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी.
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