बदल गए मैदान, पर जज्बा नहीं, राजनीतिक अंडर करंट भी किया जा रहा है महसूस
Saurav Singh Ranchi: जंतर-मंतर की चकाचौंध भरी सुर्खियों, कैमरों की फ्लैशलाइट्स और राष्ट्रीय स्तर पर गूंजने वाले नारों के मुकाबले रांची की यह भीड़ संख्या के लिहाज से भले ही छोटी और शांत प्रतीत हो. लेकिन इतिहास गवाह है कि क्रांति या विरोध के पैमाने कभी भी…