झारखंड विधानसभा मानसून सत्र: जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा धांधली और पेपर लीक को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन
Ranchi: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सदन के अंदर और बाहर सियासी सरगर्मी चरम पर है. महज पांच कार्य दिवसों वाले इस संक्षिप्त सत्र के बेहद हंगामेदार रहने के आसार पहले दिन से ही नजर आने लगे थे, जो सत्र के दूसरे दिन भी जारी रहे.
सदन के बाहर प्रदर्शन और हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग:
शुक्रवार को सत्र की कार्यवाही शुरू होने से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी और आजसू के विधायकों ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में हुई कथित धांधली व पेपर लीक मामलों को लेकर विधानसभा परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. हाथों में तख्तियां लिए विपक्ष के विधायकों ने हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई. प्रदर्शन के दौरान विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है. विपक्ष का कहना था, “राज्य के छात्र सड़कों पर लगातार आंदोलन कर रहे हैं. छात्रों की जो जायज मांगें हैं, वही विपक्ष की भी मांगें हैं. यह सरकार पेपर लीक नहीं करा रही, बल्कि नौकरियों और पेपर्स को बेच रही है.
बाबूलाल मरांडी का हमला: राहुल गांधी सरकार से अलग होने की सलाह दें:
सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जब से राज्य में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार बनी है, तब से हर प्रतियोगी परीक्षा में धांधली की खबरें आ रही हैं. कौन सी नौकरी कितने रुपये में बिक रही है, यह बात अब राज्य के हर नागरिक को पता चल चुकी है. बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को इस विषय पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात करनी चाहिए. यदि मुख्यमंत्री उनकी बात नहीं सुनते हैं, तो कांग्रेस को इस भ्रष्ट सरकार से तुरंत अलग हो जाना चाहिए.